वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
हालाँकि, अस्पताल अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया हैं
कोलकाता। रोगी मृत्यु को केन्द्र राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में रोगी के परिवारवालों ने हंगामा किया। एसएसकेएम अस्पताल में युवा क्रिकेटर की रहस्यमय मौत के बाद परिवारवालों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया और मरीज के परिवार के सदस्य अस्पताल में विरोध प्रदर्शन करने लगे और शव को पोस्टमार्टम के लिये ले जा रही पुलिस को भी परिवार के सदस्यों ने शव ले जाने से रोक दिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हसनाबाद का रहने वाला युवक देव घोष शनिवार को घर से निकला था। हर दिन की तरह वह शनिवार को भी लेक मार्केट के पास मैदान में अभ्यास करने आया था। परिवार का दावा है कि शनिवार को साइंस सिटी पहुंचने पर उसने आखिरी बार अपने पिता से बात की थी। लेकिन उसके बाद से फोन पर कोई संपर्क नहीं हुआ है। रात को काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटा तो खोजबीन शुरू हुई।
परिवार का आरोप है कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। सुबह परिवार को पता चला कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। फोन करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर परिवारवाले देव को लेकर अस्पताल पहुँचे और एसएसकेएम अस्पताल में दाखिल करवाया। परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को लंबे समय तक उसी हालत में छोड़ दिया गया और देव इलाज के लिय तड़पता रहा और इलाज के अभाव में ही उसकी मौत हो गयी। यही नहीं परिवारवालों का आरोप हैं कि देव की मौत के बाद पुलिस परिवार को सूचित किए बिना शव को मुर्दाघर ले जा रही थी। तभी परिजनों ने पुलिस को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें अपने बेटे की मौत का सही कारण क्यों नहीं बताया गया। हालाँकि, अस्पताल अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया हैं।